शैव-दशनामी परंपरा का प्रमुख अखाड़ा, जो संत परंपरा, साधना और धार्मिक अध्ययन से जुड़ा है।
इतिहास एवं परंपरा
निरंजनी अखाड़े की परंपरा में संन्यास, आध्यात्मिक साधना, शास्त्र-अध्ययन और संत समाज की संस्थागत व्यवस्था का महत्व है।
इतिहास एवं परंपरा
निरंजनी अखाड़े की परंपरा में संन्यास, आध्यात्मिक साधना, शास्त्र-अध्ययन और संत समाज की संस्थागत व्यवस्था का महत्व है।