भारत के 13 प्रमुख अखाड़े

परंपरा, इतिहास और आध्यात्मिक परिचय

1
निर्मल / उदासीन परंपरा

श्री निर्मल पंचायती अखाड़ा

कनखल, हरिद्वार

13 पारंपरिक अखाड़ों की सूची में शामिल निर्मल पंचायती अखाड़ा, जिसकी परंपरा निर्मल संत धारा से जुड़ी है।

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2
उदासीन

श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन

कनखल, हरिद्वार

उदासीन परंपरा का प्रमुख संस्थागत अखाड़ा, जिसकी प्रमुख उपस्थिति हरिद्वार क्षेत्र में है।

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3
उदासीन

श्री पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़ा

कृष्णानगर, कीटगंज, प्रयागराज

उदासीन परंपरा के प्रमुख अखाड़ों में से एक, जिसकी संत परंपरा गुरु श्रीचंद्र से जोड़ी जाती है।

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4
वैष्णव / बैरागी

श्री पंच निर्मोही अणी अखाड़ा

वृंदावन, मथुरा क्षेत्र

तीन प्रमुख वैष्णव अणी अखाड़ों में से एक, जो रामानंदी बैरागी परंपरा से संबद्ध है।

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5
वैष्णव / बैरागी

श्री पंच निर्वाणी अणी अखाड़ा

हनुमानगढ़ी, अयोध्या

वैष्णव बैरागी परंपरा का प्रमुख अखाड़ा, जिसका अयोध्या की संत परंपरा से विशेष संबंध है।

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6
वैष्णव / बैरागी

श्री पंच दिगंबर अणी अखाड़ा

शामलाजी क्षेत्र, गुजरात

रामानंदी वैष्णव बैरागी परंपरा के तीन प्रमुख अणी अखाड़ों में से एक।

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7
शैव / दशनामी

श्री पंचदशनाम आवाहन अखाड़ा

दशाश्वमेध क्षेत्र, वाराणसी

शैव-दशनामी परंपरा के सात प्रमुख अखाड़ों में से एक, जिसकी धार्मिक परंपरा वाराणसी से भी जुड़ी रही है।

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शैव / दशनामी

तपोनिधि श्री आनंद अखाड़ा पंचायती

त्र्यंबकेश्वर, नासिक

शैव-दशनामी परंपरा का प्रमुख अखाड़ा, जो तप, साधना और संत परंपरा से जुड़ा है।

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9
शैव / दशनामी

श्री पंचदशनाम पंच अग्नि अखाड़ा

गिरिनगर, भवनाथ, जूनागढ़

शैव संन्यासी परंपरा के सात प्रमुख अखाड़ों में शामिल, पंच अग्नि परंपरा से संबद्ध नाम।

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10
शैव / दशनामी

श्री पंचायती अटल अखाड़ा

वाराणसी

परंपरागत 13 अखाड़ों में शामिल शैव-दशनामी अखाड़ा, जिसकी अपनी विशिष्ट साधु-संन्यासी परंपरा है।

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