शैव संन्यासी परंपरा के सात प्रमुख अखाड़ों में से एक, जिसकी प्रयागराज और हरिद्वार क्षेत्र में महत्वपूर्ण परंपरा रही है।
इतिहास एवं परंपरा
महानिर्वाणी अखाड़ा दशनामी संन्यासी परंपरा से जुड़ा है। अखाड़े की परंपरा में साधना, वैराग्य, शास्त्र-अध्ययन और संत परंपरा का संरक्षण प्रमुख है।
इतिहास एवं परंपरा
महानिर्वाणी अखाड़ा दशनामी संन्यासी परंपरा से जुड़ा है। अखाड़े की परंपरा में साधना, वैराग्य, शास्त्र-अध्ययन और संत परंपरा का संरक्षण प्रमुख है।